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जीवन में पड़ने वाले ग्रह दोष की शांति के कुछ सरल उपाये

जीवन में पड़ने वाले ग्रह दोष की शांति के कुछ सरल उपाये

 

जोतिष के अनुसार हमारी जन्म कुंडली के ग्रह शुभ और अशुभ दोनों प्रकार से हमारे जीवन को प्रभावित करते है। अगर कुंडली में किसी भी प्रकार का ग्रह दोष है तो जोतिषी या जानकर हमें ग्रहों से संबंधित दान और मंत्र जाप का बतलाते हैं जिससे की यह ग्रह दोष दूर होकर हमारे जीवन में आने वाली परेशानिया व कठनाईया दूर हो सके । यहां पर आप के लिए प्रस्तुत है नव-ग्रहों के बीज मंत्र, तांत्रिक मंत्र, जप संख्या और दान संबंधित प्रमुख जानकारी जिन को आप उपयोग कर आप अपनी जनम कुंडली में दीये गए ग्रह दोष से अपना बचाव व उसको कम कर सकते है ।

 

सूर्य ग्रह की शांति के उपाय –  


एकाक्षरी बीज मंत्र- ॐ घृणि: सूर्याय नम:
सूर्य तांत्रिक मंत्र- ॐ ह्रां ह्रीं हौं स: सूर्याय नम:।
जप संख्या- 7000।
दान- माणिक्य, गेहूं, धेनु, कमल, गुड़, ताम्र, लाल कपड़े, लाल पुष्प, सुवर्ण।


उपाय –

1.रविवार का व्रत करे।
2. बहते पानी में गुड, ताम्बा या ताम्बे का सिक्का बहाए।
3. हरीपूजन या हरीवंश पुराण का पाठ करे।
4. विष्णु की नियमित उपासना करे।
5. ताम्बा व गेहू का दान करे।
6. माणिक्य अथवा ताम्बा धारण करे।
7. कुकर्म और गलत काम से बचे।
8. घर का मुख्य द्वार पूर्व दिशा में रखे।
9. प्रत्येक काम मीठा खाकर और पानी पीकर करे।
10. नमक का उपयोग कम से कम करे।
11. सूर्योदय से पूर्व उठे।


चन्द्रमा की शांति के उपाय –

 

चंद्र एकाक्षरी मंत्र- ॐ सों सोमाय नम:।
चंद्र तांत्रिक मंत्र- ‘ॐ श्रां श्रीं श्रौं स: चन्द्रमसे नम:’।
जप संख्या- 11,000।
दान- वंशपात्र, तंदुल, कपूर, घी, शंख।

उपाय –

1.माँ के चरण स्पर्श कर के आशीर्वाद ले।
2. दूध या पानी भरा बर्तन सिरहाने रख कर सोये और अगले दिन कीकर की जड़ में सारा जल डाल दे।
3. शिव की उपासना करे।
4. सोमवार का व्रत रखे।
5. चावल, दूध  और चांदी का दान करे।
6. मोती या चांदी धारण करे।
7. पूर्णिमा को गंगा स्नान करे।

 

मंगल/भौम की शांति के उपाय

 

भौम एकाक्षरी मंत्र- ॐ ॐ अंगारकाय नम:।
भौम मंत्र- ‘ॐ क्रां क्रीं क्रौं स: भौमाय नम:’।
जप संख्या- 1000।
दान- प्रवाह, गेहूं, मसूर, लाल वस्त्र, गुड़, सुवर्ण ताम्र।

उपाय

1.सफ़ेद सुरमा आँखों में लगाए।
2. ताम्बा अथवा मूंगा धारण करे।
3. तंदूर में लगी मीठी रोटी बांटे।
4. बहते पानी में रेवडिया, बताशे, शहद व सिंदूर बहाए।
5. गायत्री मंत्र का जाप करे।
6. मसूर, मिठाई या मीठे भोजन का दान करे।
7. भाई की सेवा करे।
8. मंगलवार का व्रत रखे व हनुमानजी को सिंदूर का चोला चढ़ाये।

बुध की शांति के उपाय –

 

बुध का एकाक्षरी मंत्र- ‘ॐ बुं बुधाय नम:’।
बुध मंत्र- ‘ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:’।
जप संख्या- 9,000।
दान- मूंग, हरा वस्त्र, सुवर्ण, कांस्य।


उपाय –

1.बुधवार का व्रत करे।
2. बकरी या तोते को पाले या सेवा करे।
3. कन्याओं को हरे वस्त्र और हरी चुडिया दान करे।
4. पन्ना धारण करे।
5. दांत साफ़ रखे और नाक छिदवाये।
6. ताम्बे के पत्तर में छेद करके बहते पानी में बहाए।
7. दुर्गा उपासना व दुर्गा सप्तसती का पाठ करे।
8. साबुत हरे मुंग का दान करे ।


गुरु/बृहस्पति की शान्ति के उपाय –

 

गुरु का एकाक्षरी मंत्र- ‘ॐ ब्रं बृहस्पतये नम:’                                                                       गुरुमंत्र- ‘ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरवे नम:’।
जप संख्या- 19,000।
दान- अश्व, शर्करा, हल्दी, पीला वस्त्र, पीतधान्य, पुष्पराग, लवण।

उपाय –

1.गुरूवार का व्रत रखे।
2. माथे पर पिला तिलक या केसर का तिलक लगाए।
3. केसर खाए या नाभि व जीभ पर लगाए।
4. हरीपूजन या हरिवंश पुराण का पाठ करे।
5. ब्रह्मा की उपासना भी लाभदायी हे।
6. पीपल की जड़ में जल चढ़ाये।
7. साधू व ब्राह्मणों की सेवा करे व् उनका आशीर्वाद ले।
8. पुखराज धारण करे।
9. चने की दाल व स्वर्ण का दान करे।

 

शुक्र की शाँति के उपाय –

 

शुक्र का एकाक्षरी मंत्र- ‘ॐ शुं शुक्राय नम:’।
शुक्र मंत्र- ‘ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:’।
जप संख्या- 16,000।
दान- धेनु, हीरा, रौप्य, सुवर्ण, सुगंध, घी।


उपाय –

1.शुक्रवार का व्रत रखे।
2. अपने भोजन में से गाय को कुछ भाग दे।
3. हीरा धारण करे।
4. गौ दान करे या ज्वार व चरी का दान करे।
5. लक्ष्मी की उपासना करे।
6. घी,कर्पुर,दही का दान


शनि की शाँति के उपाय –

 

शनि का एकाक्षरी मंत्र- ‘ॐ शं शनैश्चराय नम:’
शनि मंत्र- ‘ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनये नम:’।

जप संख्या- 23000।
दान- तिल, तेल, कुलित्‍थ, महिषी, श्याम वस्त्र।


उपाय –

1.शनिवार का व्रत रखे।
2. कीकर की दातुन करे।
3. तैतालिस दिन तक कौवो को रोटी डाले।
4. शनिवार को तेल में छाया देखकर तेल दान करे।
5. भैरव की उपासना करे।
6.  सांप को दूध पिलाए।
7.  तेल पेड़ो की जड़ो में डाले।
8.  तेल से चुपड़ी रोटी कुत्ते या कौवो को खिलाये।
9.  नीलम धारण करे।
10. जोड़ लगा हुआ लोहे का छल्ला धारण करे।


राहु की शाँति के उपाय

 

राहु का एकाक्षरी मंत्र- ‘ॐ रां राहुवे नम:’।
राहु मंत्र- ‘ॐ भ्रां भ्रीं भ्रों स: राहवे नम:’।
जप संख्या- 18,000
दान- गोमेद, अश्व, कृष्णवस्त्र, कम्बल, तिल, तेल, लोहा, अभ्रक।


उपाय –

1.संयुक्त परिवार में रहे।
2. ससुराल से सम्बन्ध न बिगाड़े।
3. सर पर चोटी रखे।
4. केतु का उपाय करे।
5. जौ को दूध से धोकर बहते पानी में बहाए।
6. मुली का दान करे या कोयला बहते पानी में बहाए।
7. सरस्वती की उपासना करे।
8. सरसों का दान करे।
9. गोमेद धारण करे।
10.  जेब में चांदी की ठोस गोली रखे।


केतु की शाँति के उपाय

 

केतु का एकाक्षरी मंत्र- ‘ॐ के केतवे नम:’।
केतु का तांत्रिक मंत्र- ‘ॐ स्रां स्रीं स्रों स: केतवे नम:’।
जप संख्या- 17,000।
दान- तिल, कंबल, कस्तूरी, शस्त्र, नीम वस्त्र, तेल, कृष्णपुष्प, छाग, लौहपात्र।

उपाय –

1. गणेश चतुर्थी का व्रत रखे।
2. गणेश उपासना करे।
3. कान छिदवाये और कुत्ता पाले।
4. राहू का उपाय करे।
5. कुत्ते को रोटी डाले।
6. काले और सफ़ेद तिल बहते पानी में बहाए।
7. कपिला गाय का दान करे।
8. तिल.निम्बू और केले का दान करे।

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