Home > admin

महालक्ष्मी(हाथी पूजा)व्रत कथा व विधि

  महालक्ष्मी व्रत   16 दिनों तक चलने वाला महालक्ष्मी व्रत भाद्रपद के शुक्लपक्ष की अष्टमी से प्रारम्भ होकर आश्विन कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि तक चलता है। मान्यता है कि ये व्रत 16 दिन तक किया जाता है। अगर आप पूरे सोलह दिनों तक इस व्रत को करने में असमर्थ हैं,

Read More

श्राद्ध करने का कारण, विधि व सावधानिया

  श्राद्ध पक्ष ( कनागत ) प्रतिवर्ष भाद्रपद माह की पूर्णिमा से से आश्विन मास की अमावस्या तक का समय श्राद्ध कर्म के रुप में जाना जाता है । इस पितृपक्ष अवधि में पूर्वजों के लिए श्रद्धा पूर्वक किया गया दान तर्पण रुप में किया जाता है । पितृपक्ष पक्ष को  महालय

Read More

वस्तु लेने से पहले समझ लें क्या होती है गारंटी और वारंटी में अंतर

गारंटी और वारंटी को लेकर अक्सर लोग कन्फ्यूज होते हैं। अधिकतर वारंटी के बजाए गारंटी को ही बेहतर मानते हैं, जबकि दोनों की ही अपनी इम्पॉर्टेंस हैं। गारंटी या वारंटी का फायदा लेने के लिए कस्टमर के पास कंपनी का बिल या गारंटी/वारंटी कार्ड होना जरूरी है। इसके बाद भी

Read More

अगर कोई बच्चा ऐसे बैठा दिखाई दे तो तुरंत उसके पैरों को सीधा कर दीजिए

बच्चों की देखभाल करना हर पेरेंट्स के लिए काफी मुश्किल भरा काम होता है। पेरेंट्स को बच्चों की हर बात का ख्याल रखना होता है और उसे समझना होता है, क्योंकि वह खुद से कुछ बोलने और करने में सक्षम नहीं होता है। लेकिन कई बार कुछ ऐसी छोटी-छोटी चीजें

Read More

तरक्की का एक कनेक्शन घर की सीढ़ियों से भी होता है, विषम की जगह सम स्टेप वाली सीढ़ी बेहतर

भवन में सीढ़ियों का निर्माण आग्नेय, वायव्य, दक्षिण व पश्चिम दिशा में शुभ होता है। उत्तर, पूर्व, नैऋत्य कोण व ईशान दिशा में सीढ़ियों का निर्माण नहीं करना चाहिए। जिन घरों में ऊपर जाने वाली सीढ़ियां बेसमेंट में नीचे भी जाती हों या गृहस्वामी फर्स्ट फ़्लोर पर रहता हो, वहां उत्तर

Read More

राधा अष्ठमी व्रत कथा व पूजन विधि

राधा अष्ठमी व्रत सनातन धर्म में भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि श्री राधाष्टमी के नाम से प्रसिद्ध है। शास्त्रों में इस तिथि को श्री राधाजी का प्राकट्य दिवस माना गया है। श्री राधाजी वृषभानु की यज्ञ भूमि से प्रकट हुई थीं। वेद तथा पुराणादि में जिनका ‘कृष्ण वल्लभा’

Read More

संतान सप्तमी व्रत विधि एवं नियम

संतान सप्तमी व्रत संतान सप्तमी व्रत भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि के दिन किया जाता है। यह व्रत विशेष रूप से संतान प्राप्ति, संतान रक्षा और संतान की उन्नति के लिए किया जाता है। इस व्रत में भगवान शिव व माता गौरी की पूजा का विधान है। भाद्रपद

Read More

ऋषि पंचमी व्रत कथा व पूजन विधि

ऋषि पंचमी व्रत ऋषि पंचमी का व्रत भाद्र पद की शुक्ल पंचमी को किया जाता है। इस दिन सप्तऋषियों की पूजा की जाती है। यह व्रत गणेश चतुर्थी के अगले दिन और हरतालिका तीज के दूसरे दिन किया जाता है। इस व्रत के बारे में ब्रह्माजी ने राजा सिताश्व को

Read More

गणेश चतुर्थी क्यों और कैसे मनाते है

गणेश चतुर्थी यद्यपि विनायक चतुर्थी उपवास हर महीने किया जाता है , लेकिन सबसे महत्वपूर्ण विनायक चतुर्थी भाद्रपद के महीने में होती है । भाद्रपद के दौरान विनायक चतुर्थी को गणेश चतुर्थी के रुप में मनाया जाता है । गणेश चतुर्थी को हर साल पूरे भारत में भगवान गणेश के जन्मदिन

Read More

हरितालिका तीज व्रत नियम व महत्त्व

हरितालिका तीज व्रत सौभाग्य से जुड़ा हरितालिका तीज का व्रत स्त्रियों और कुंवारी कन्याओं द्वारा किया जाता है। इस पावन व्रत में भगवान शिव, माता पार्वती , एवं श्री गणेश जी की विधि-विधान से पूजा अर्चना व अराधना का बड़ा महत्व है। यह व्रत निराहार एवं निर्जला किया जाता है। सुहाग

Read More